दिव्य संदेश

ॐ शान्ति

brahmakumaris

जो हो गया समर्पण ईश्वरकी राह पर;ईश्वर भी करता अर्पण सब उसकी चाह पर।मनवाणी कर्म से जो सुख सभीको देते;सबके दिलोंकी भरभर वो तो दुआं लेते;कुर्बान जिनका जीवन दुःखीयोंकी आह पर;एक आसरा भरोसा एक आश बल जिसे;महिमा मानकी नहीं प्यास है जिसे;गुण शक्तियां खजाने मिलती अथाह भरभर। जो हो गया..कर्ताका ना भान है; ना फलकी कोई ईच्छा;हर बात मैं है राजी हर रंग लगता अच्छा;उसकी निगाहें प्रभु पर; प्रभुकी निगाहें उस पर;जो हो गया समर्पण ईश्वरकी राह पर;ईश्वर भी करता अर्पण सब उसकी चाह पर

।गीतसार।

गीतके साररुपमें ये कहा जा सकता है कि आज ये सारी दुनियामें चारों तरफ दुःख अशांतिसे ग्रस्त है; विनाशके कगार पर खडी हुई पाते हैं। कलकी अनिश्चिततासे हर एक दिल घिरा हुआ है। एसेमें हरेककी निगाहें उसपर अनायास ही चली जाती है….उसकी अंतः चेतना स्वतः ही जाग उठती है और सर्व धर्मकी आत्माएं जिसे अपनी अपनी भाषामें..ईश्वर; अल्लाह; जियोवाह; supreme GOD father; एक ॐकार निराकार सतनाम सद्गुरु अकालमूर्त अकाल तखतपर जो विराजमान है….आदि आदि जिसका निराकार शिवबाबाका भक्तिमार्गमें भी गायन है..उसपर निगाहें..एक आश..एक बल. एक भरोसा पर टिकी हुई है..और एसे समय पर भला अपनी पुकार हो वो परमपिता; परमशिक्षक; परमसद्गुरु पमात्माको अपना परमधाम अर्थात अप्ना आकाश सिंहासनको छोडकर सबकी आशको..पुकारको,अपने बच्चोंकी दिलकी तपत बुझाने..ना जाने कई जन्मोंकी प्यासको बुझानी गीताके भी वचनो अनुसार आनेका समय भी आ चुका है। और ये सृष्टिचक्रकी सुनहरी घडी जिसे संगमयुग पर जो की वो आ चुका है ..जब जब..तबतब आते है जिसे हम कमाऊ या तो धर्माऊयुग या बेहदकी अमृतवेला का समय आ गया है। ईसलिये ये हरेक आत्माके लिये सोनेका समय बीत चुका है और बेहदको याद कर पहचानकर सच्चा सच्चा पुरुषार्थ करनेका समय चल रहा है….हे बाबा(शिवबाबा) सर्वकी मनोकामनायें पूर्ण करने हेतु…सर्वको दुःख अशांति दूर करने..निर्भय…मुक्त करने हेतु आ चुके हैं। ये सोने का वक्त नहीं..नींद ना करो..हम जग चुके हैं और शिवबाबाकी तरफसे ये संदेश सुनाते है..फिरना कहना की हमको तो किसीने ये बताया नहीं था। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विध्यालय का संपर्क किजिये।….ॐ शांति..शांति..शांति..एक आत्माका संदेश अपनों के प्रति..।

 

 

 

Advertisements

One thought on “दिव्य संदेश

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s